क्रांति हैडलाइन : लुधियाना पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने दो स्मगलरों को 20.8 किलो मादक पदार्थ (क्रिस्टल मेथम्फेटामाइन) के साथ गिरफ्तार किया है। इस पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 208 करोड़ रुपये है. इसे 2012 के बाद से नशीली दवाओं की सबसे बड़ी जब्ती बताया जा रहा है। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 200 करोड़ रुपये के कंट्राबेंड को जब्त किया था।
एआईजी एसटीएफ स्नेहदीप शर्मा और एसटीएफ के लुधियाना प्रभारी निरीक्षक हरबंस सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संदिग्धों की पहचान सुनेत के हरप्रीत सिंह बॉबी (40) और अंबेडकर नगर के अर्जुन (26) के रूप में हुई है. दोनों जवाहर नगर कैंप के मुख्य आरोपी विशाल उर्फ विनय के यहां काम कर रहे है। एआईजी शर्मा ने कहा कि उन्हें इनपुट मिला था कि विशाल जोकि लंबे समय से मादक पदार्थ की तस्करी के धंधे में था वो ग्राहकों को दवा की आपूर्ति के लिए हरप्रीत और अर्जुन को कोरियर के रूप में नियुक्त किया है।
आगे उन्होंने कहा कल दोनों बीआरएस नगर में एक मोटरसाइकिल पर एक ग्राहक को ड्रग्स देने के लिए जा रहे थे. इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने नाकाबंदी करके उन्हें रोका तो पहले उनके पास से 2 किलो मादक पदार्थ बरामद हुई।आगे पूछताछ के बाद विशाल के आवास पर छापेमारी की गई जहां से 18.8 किलोग्राम और मादक पदार्थ बरामद हुआ।
हरप्रीत पेशे से ड्राइवर है और ड्रग्स के एक मामले में अप्रैल में जमानत पर छूट कर बाहर आया था।अर्जुन भी ड्राइवर है और कथित तौर पर विशाल के ग्राहकों को मादक पदार्थ पहुंचाते हैं जिसके बदले में उन्हें अच्छे पैसे मिल रहे है।





