
चंडीगढ़। कोरोना के कारण धीमी रही पंजाब की अर्थ व्यवस्था ने अब फिर से गति पकड़ ली है। पंजाब कराधान आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में जीएसटी संग्रह में भारी गिरावट के बाद पिछले दो महीने में आर्थिक सुधार आने लगा है। इस साल अप्रैल से अक्टूबर तक पंजाब का कुल जीएसटी राजस्व 5746.48 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह 7719.86 करोड़ रुपये था। हालांकि चालू वित्त साल में 25.56 फीसद की कमी है, परंतु अक्टूबर में कुल जीएसटी राजस्व 1060.76 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल इसी महीने हासिल हुए जीएसटी से 14.12 फीसद ज्यादा है। अक्टूबर, 2020 929.52 करोड़ रुपये जीएसटी हासिल हुआ था। यह रफ्तार पकड़ती अर्थ व्यवस्था के संकेत हैैं।
शराब, पेट्रोलियम उत्पादों से बढ़ी आय
राज्य को जीएसटी के अलावा शराब और पैट्रोलियम उत्पाद से वैट और सीएसटी के रूप में भी राजस्व प्राप्त होता है। अस वर्ष अक्टूबर में इससे 536.33 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले साल इसी महीने यह संग्रह 447.17 करोड़ रुपये था। अप्रैल से अक्टूबर तक इस वर्ष 3037.67 करोड़ रुपये राजस्व मिला। यह पिछले वर्ष 3176.64 करोड़ रुपये था।
16 फीसद ज्यादा राजस्व जुटाया
जीएसटी, वैट व सीएसटी को अगर एक साथ जोड़ा जाए तो अक्टूबर में 1597.09 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिला जो पिछले साल अक्टूबर में मिले 1376.69 करोड़ रुपये के मुकाबले 220.40 करोड़ रुपये (16 फीसद) ज्यादा है।
सुरक्षित राजस्व का बकाया बढ़ा
इस साल सितंबर में सुरक्षित राजस्व 2403 करोड़ रुपये है जिसमें से 1060 करोड़ रुपये राज्य ने प्राप्त किए। अक्टूबर में बकाया मुआवजे की राशि 1343 करोड़ है जो अब तक प्राप्त नहीं मिली।





