लुधियाना। उद्योग मंत्रालय की नई घोषणा ने एक्सपोर्टरों को बड़ी राहत दी है। इससे पंजाब कके निर्यातकों को भी बहुत बउ़ी राहत मिली है। अप्रैल से रोकी गई एमईआइएस (मर्चेंडाइज एक्सपोट्र्स फ्रॉम इंडिया स्कीम) को दोबारा पांच हजार करोड़ रुपये के फंड के साथ शुरू कर दिया गया है। इससे कोविड संकट से जूझ रही इंडस्ट्री को मेक इन इंडिया को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

एक्सपोर्टरों को सरकार का उपहार, इंसेटिव से मजबूत होगा मेक इन इंडिया
इस स्कीम के तहत एक्सपोर्टरों को निर्यात पर इंसेटिव दिया जाता है। इस एक्सपोर्ट इंसेटिव स्कीम के जरिए एक्सपोर्टरों को पांच हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा, लेकिन इसमें एक कंपनी साल का केवल दो करोड़ का इंसेटिव ले पाएगी। ऐसे में इसका सीधा लाभ एमएसएमई उद्योगों को ज्यादा होगा। इसके साथ ही नए स्टार्ट अप के माध्यम से जो एक्सपोर्ट में कदम रख रहे हैं, उनके लिए यह स्कीम एक अवसर के रूप में आई है।
इस स्कीम के जरिए चार फीसद तक मिलने वाले इंसेटिव से एक्सपोर्टर के लागत मूल्य में बदलाव आएगा। डॉलर की गिरावट से एक्सपोर्टर पुराने ऑर्डरों का भुगतान कर आर्थिक नुकसान झेल रहे थे। इस स्कीम को दोबारा शुरू करने की मांग की जा रही थी। अब जनवरी तक इस स्कीम से कोविड संकट के दौरान मध्यम व लघु इंडस्ट्री को राहत मिलती रहेगी।





