
खन्ना। आयकर विभाग ने 1 जुलाई से किसी भी प्रकार की बिक्री, जिसमें बिजली यूनिट भी शामिल है, पर टी.डी.एस. एवं टी.सी.एस. (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स/टैक्स कलैक्टेड ऐट सोर्स) का प्रावधान कर एडवांस में आयकर एकत्रित करना शुरू कर दिया है। आयकर कानून में किए गए संशोधन के अनुसार जिस खरीदार की पिछले साल बिक्री 10 करोड़ से ज्यादा है, वह प्रत्येक विक्रेता से 50 लाख से ऊपर खरीद पूरी होने पर आयकर की धारा 194 क्यू अंतर्गत टी.डी.एस. काट कर सरकार के पास जमा करवाएगा। दूसरे प्रावधान के मुताबिक अगर विक्रेता की बिक्री पिछले साल 10 करोड़ से ज्यादा है तो वह खरीदार से 50 लाख की बिक्री पूरी होने पर धारा 206 सी 1 एच के अंतर्गत पेमैंट लेते समय टी.सी.एस. एकत्रित करेगा। इन प्रावधानों में साफ कर दिया गया है कि पहले टी.डी.एस. फिर टी.सी.एस. दोनों में एक कर लगेगा। इसके बाद पावरकॉम ने अब एक नोटिस जारी कर सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया है कि जिनकी पिछले साल बिक्री 10 करोड़ से ज्यादा है और वह बिल की अदायगी करते समय पावरकॉम का टी.डी.एस. काटेंगे तो इस बाबत विभाग को घोषणा पत्र दें ताकि उनके द्वारा टी.डी.एस. काटने पर पावरकॉम बिलों में टी.सी.एस. लगा कर न भेजे। पावरकॉम ने ऐसे उपभोक्ताओं के पैन नंबर भी मांग लिए हैं ताकि टी.डी.एस. एवं टी.सी.एस. की दर 0.1 प्रतिशत लगाई जाए। बिजली बिलों पर टी.डी.एस. एवं टी.सी.एस. की मार 50 लाख रुपए सीमा तय होने पर अधिकांश औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगी एवं अधिकांश घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता साल में 50 लाख से कम बिल भरते हैं फिर भी अगर किसी ऐसे उपभोक्ता का बिल 50 लाख रुपए पार कर गया तो अगर उसके पास पैन कार्ड है और आयकर की रिटर्न भरता है तो पावरकॉम टी.सी.एस. 0.1 प्रतिशत की दर से काटेगा और पैन कार्ड नहीं है और रिटर्न नहीं भरता है तो टी.सी.एस. की दर 50 गुना बढ़कर 5 प्रतिशत हो जाएगी।





