
चंडीगढ़। ऐसा माना जा रहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को मनाने के बाद ही नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। लेकिन शायद ऐसा नहीं हुआ है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। खबरों के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह 21 जुलाई को सभी विधायकों को अपने आवास पर लंच के लिए बुलाया है। लेकिन सबसे खास बात तो यह है कि नवजोत सिंह सिद्धू को इसमें शामिल होने के लिए न्योता नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक यह लंच पंचकूला में आयोजित किया जाएगा जिसके लिए सभी विधायकों और सांसदों को न्योता भेजा गया है। दूसरी ओर सिद्धू भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। अपनी पहली प्रतिक्रिया में सिद्धू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ आलाकमान का शुक्रिया किया लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहीं भी जिक्र नहीं आया जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी भी सिद्धू और कैप्टन के बीच की दूरी खत्म नहीं हुई है। सिद्धू ने एक के बाद एक ट्वीट किया। अपने ट्वीट में सिद्धू ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ अपने पिता की फोटो भी साझा की और लिखा कि मेरे पिता भी एक कांग्रेसी थे। मैं पंजाब कांग्रेस के अजेय किले को और मजबूत करने के लिए हर कार्यकर्ता के साथ काम करूंगा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझ पर विश्वास करने के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का आभार।





