
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री को लगातार घेर रहे पंजाब प्रदेशाध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की दलित विधायकों के साथ 30 जुलाई को प्रस्तावित बैठक से पहले कैप्टन अमरेंद्र ने दलितों को लुभाने के लिए बड़ा कार्ड खेला है। मुख्यमंत्री ने आगामी विधानसभा सत्र में पंजाब अनुसूचित जातियां कल्याण बिल लाने को हरी झंडी दे दी है। इससे अनुसूचित जाति के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बजट की व्यवस्था करने संबंधी कानून बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा। उधर, सिद्धू ने दलित वर्ग से ताल्लुक रखने वाले विधायकों की बैठक बुलाई है ताकि उनसे जुड़े मुद्दों के समाधान पर विस्तारपूर्वक चर्चा हो सके। इस वर्ग से ताल्लुक रखने वाले विधायक आरोप लगाते रहे हैं कि दलितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई जिसका खामियाजा 2022 विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। गत दिनों पंजाब कांग्रेस के घमासान के दौरान हाईकमान की मल्लिकार्जुन कमेटी के समक्ष भी विधायकों, सांसदों और नेताओं ने वर्ग के मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। कमेटी ने मुख्यमंत्री को 18 नुकतों पर काम करने के लिए कहा था, जिसमें दलित का नुकता भी शामिल है। इसी कड़ी में अब मुख्यमंत्री ने दलित वर्ग हितैषी बिल को लाने की मंजूरी प्रदान की है।
भाईचारे के कल्याण को यकीनी बनाने के लिए सरकार के यत्नों को प्रोत्साहन देगा बिल
पंजाब में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या, देश में सबसे अधिक, 31.94 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह बिल इस भाईचारे के कल्याण को यकीनी बनाने के लिए उनकी सरकार के यत्नों को बड़ा प्रोत्साहन देगा। अनुसूचित जातियां सब-प्लान के गठन के अलावा इसके कार्यान्वयन की निगरानी को यकीनी बनाने के लिए डायरैक्टोरेट, अनुसूचित जातियां सब-प्लान नोडल एजैंसी होगी। राज्य के सालाना बजट अनुमानों को स्वीकृत करने की समर्थ अथॉरिटी, पंजाब विधानसभा में सौंपने से पहले संबंधी वित्तीय साल के प्रांतीय सालाना बजट के साथ-साथ अनुसूचित जातियां सब -प्लान को भी मंजूरी देगा। अनुसूचित जातियां सब-प्लान के अंतर्गत फंड जारी करने के लिए एक ही विधि होगी और इस उद्देश्य के लिए वित्त विभाग नियंत्रण अथॉरिटी होगा। अनुसूचित जातियां उप-योजना की प्रगति का जायजा और निगरानी तय प्रक्रिया और निर्धारित कमेटी की तरफ से प्रांतीय, जिला और ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। हरेक विभाग अनुसूचित जातियां सब-प्लान को हरेक स्तर पर लागू करने में पारदॢशता और जवाबदेही को यकीनी बनाएगा। कानून की प्रभावशीलता को राज्य में अनुसूचित जातियां सब-प्लान को बनाने और लागूकरण के बारे समूह पहलुओं और योजनाबद्ध और निपुण प्रक्रियाओं के द्वारा यकीनी बनाया जाएगा। इसके अलावा सब-प्लान लागू कर रहे विभाग इसको राज्य की अनुसूचित जातियों की आबादी के लाभ के लिए सच्ची भावना के साथ अमल में लाने के लिए जिम्मेदार होंगे। नया कानून अनुसूचित जातियां सब-प्लान को हरेक स्तर पर लागू करने के लिए पारदॢशता और जवाबदेही को यकीनी बनाएगा। सरकारी अधिकारी की तरफ से कानून के तहत किसी भी नियम की जानबूझकर की गई लापरवाही के लिए दंड देने और सराहनीय कारगुजारी के लिए उत्साह बढ़ाने की व्यवस्था भी की गई है।





