शहर की सुरक्षा को हो सकता है खतरा, अपराधी उठा सकते हैं इसका लाभ

लुधियाना/क्रांति हैडलाइन
टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी मानिटरिंग सिस्टम का सीधा संबंध शहर की सुरक्षा से जुड़ा है। शहर में कोई भी घटना हो तो पुलिस कई बार अपराधियों तक पहुंचने के लिए इसी मानिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इस समय किसान लाडोवाल टोल प्लाजा पर डटे हुए हैं। करीब तीन दिन पहले उनके आंदोलन के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने टोल प्लाजा के मानिटरिंग सिस्टम को ध्वस्त कर दिया। इस कारण यहां से गुजरने वाले वाहनों का अब डाटा रिकार्ड नहीं हो रहा। इससे शहर की सुरक्षा में सेंध लग सकती है और अपराधी इसका लाभ उठा सकते हैं। दूसरी तरफ टोल प्लाजा प्रबंधन जब मानिटरिंग सिस्टम को रिपेयर करने की कोशिश कर रहा है तो प्रदर्शनकारी किसान प्रबंधकों को काम करने नहीं दे रहे। टोल प्लाजा प्रबंधक व नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के अधिकारी इस मामले में स्थानीय पुलिस और केंद्र सरकार को शिकायत दे चुके हैं।
लाडोवाल टोल प्लाजा शहर का एंट्री और एग्जिट प्वाइंट है। यहां से निकलने वाले हर वाहन का डाटा टोल प्लाजा के मानिटरिंग सिस्टम के जरिए रिकार्ड हो जाता है। टोल प्लाजा पर दोनों तरफ बने कैबिनों के पास सीसीटीवी कैमरे, स्कैनर, सेंसर सिस्टम व अन्य तरह के उपकरण लगे हैं। कैमरों के जरिए वाहन में बैठे व्यक्ति तक की फोटो खींच ली जाती है जबकि स्कैनर से वाहनों के नंबरों को स्कैन किया जाता है। यह पूरा डाटा टोल प्लाजा प्रबंधन के रिकार्ड में सेव हो जाता है। शहर में किसी आपराधिक घटना के बाद जब पुलिस को जरूरत पड़े तो वह सबसे पहले टोल प्लाजा पहुंचकर वाहनों का रिकार्ड टटोलती है। वहां पर वाहनों के नंबर के साथ उनके गुजरने का समय भी दर्ज होता है। सभी उपकरणों को तारों के जरिए सर्वर से जोड़ा गया है जिसे शरारती तत्वों ने तोड़ दिया। प्रबंधकों का कहना है कि तीन दिन से कंपनी के कर्मचारी जब रिपेयर करने जा रहे हैं तो प्रदर्शनकारी उन्हें काम करने नहीं दे रहे।
टोल प्लाजा पर तीस में से सिर्फ आठ लेन ही चल रहीं
टोल प्लाजा पर कुल 30 लेन हैं। लुधियाना से जालंधर की तरफ जाने के लिए 14 जबकि जालंधर से लुधियाना की तरफ आने के लिए 16 लेन हैं। 30 लेन में से सिर्फ आठ ही चल रही हैं। रविवार को लुधियाना से जालंधर की तरफ जाने वाली छह लेन और जालंधर से लुधियाना की तरफ के लिए दो लेन खोली गई थीं बाकी लेन पर किसानों ने कब्जा किया हुआ है। इसकी वजह से टोल प्लाजा पर कई बार लंबा जाम लग रहा है।
सतलुज पुल 30 अक्टूबर तक लगता रहेगा जाम
सतलुज पुल पर ज्वाइंट एक्सपेंशन की रिपेयर की जा रही है। इस कारण पुल का एक तरफ आधा हिस्सा बंद किया गया है। इसकी वजह से जालंधर से लुधियाना की तरफ आ रही लेन पर भी जाम लग रहा है। रविवार को सुबह लंबा जाम लगने के बाद प्रशासन ने जालंधर की तरफ से आने वाले ट्रैफिक को रांग साइड निकाला। कंपनी प्रबंधकों की मानें तो 30 अक्टूबर तक पुल के ज्वाइंट एक्सपेंशन को रिपेयर किया जाएगा। इससे लोगों को कुछ दिन ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ सकता है।
पांचवें दिन भी डटे रहे किसान, 3.50 करोड़ रुपये नुकसान
टोल प्लाजा से रोजाना 65 से 70 लाख रुपये की कलेक्शन होती है। पिछले पांच दिन से किसान टोल प्लाजा पर धरना लगाकर बैठे हैं और टोल प्लाजा प्रबंधकों को टोल वसूलने नहीं दे रहे। इस कारण कंपनी को अब तक 3.50 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। किसानों ने साफ कर दिया कि कृषि सुधार कानून रद होने के बाद ही धरना खत्म करेंगे।
वाहनों का डाटा रिकार्ड नहीं हो रहा: तिवारी
डीजीएम टोल आपरेशन पानीपत जालंधर नेशनल हाईवे निमेश तिवारी ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने टोल प्लाजा का मानिटरिंग सिस्टम ध्वस्त कर दिया। इस वजह से वाहनों का डाटा रिकार्ड नहीं हो रहा। किसान अब उसे ठीक करने नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में पुलिस व केंद्र सरकार को भी लिखकर भेजा है। मेरी किसानों से अपील है कि वह धरना लगाएं लेकिन मानिटरिंग सिस्टम को ठीक करने दें ताकि उनके आंदोलन में बाहर से आने वाले शरारती तत्वों पर भी नजर रखी जा सके।
टोल का मानिटरिंग सिस्टम हमारे लिए काफी उपयोगी: राकेश
पुलिस कमिश्नर लुधियाना राकेश अग्रवाल ने कहा कि वैसे तो सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत हमारा खुद का सीसीटीवी कैमरों का सिस्टम है। मगर टोल का मानिटरिंग सिस्टम हमारे लिए काफी उपयोगी होता है। वहां प्रबंधन की तरफ से अगर हमसे सहायता मांगी जाती है तो सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी।





